Tuesday, 12 March 2013

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Saturday, 29 December 2012

Write the Indian Rupee Symbol using Windows Fonts


Write the Indian Rupee Symbol using Windows Fonts

Download the updated Windows fonts as these include support for the new Indian Rupee symbol. You can then type the Rupee sign in Word using common fonts like Arial, Times New Roman or Tahoma.
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Indian Rupee symbol as Windows font
The India Rupee symbol is now part of the official Unicode standard but for you to type that new currency sign into your favorite word processor or spreadsheet using a regular keyboard, your existing fonts must be updated to the new standard as well.
There are some font families – like DejaVu fonts – that have been updated to the new Unicode standard and thus include support for the new currency symbol but the problem is that these fonts have limited adoption.
Well the good news is that Microsoft has recently updated all the common fonts the ship with Windows to include support for the new Indian Rupee symbol. That means you can open a document inside Microsoft Word (or notepad), select a popular font family like Arial or Times New Roman, and type the Rupee sign directly.
To get started, you first need to update your existing Windows fonts by installing thekb2496898 hotfix available for both Windows Vista and Windows 7. Once installed, this will update the Arial.ttf, Times.ttf, Tahoma.ttf and some of the other font files on your computer with the latest version.
How to Type the Indian Rupee Symbol using Arial
Launch Microsoft Word, change the document font to Arial or Tahoma, and type 20B9 followed by Alt-x. If the 20b9 string is converted into a Rupee symbol, as in the screenshot above, the update has been successfully applied.
Here’s a screeencast that explains how you may add the Rupee symbol to your documents.
The Microsoft fonts update is available as a free download to anyone who is running a genuine copy of Windows 7 or Vista. However, if you add the Rupee symbol to your document and share it with another colleague who doesn’t have the latest Windows fonts, they are likely to see some junk characters in place of the Rupee sign.
A simple solution to this problem is that you create a PDF file of your Word document with font embedding enabled and that should preserve the character even if the font is missing – see sample PDF. The Rupee symbol will be visible in the PDF even if you don’t have the latest Arial font on your Windows machine.
Update: Microsoft has provided the updated fonts for Windows 7 and Vista only but as a commenter points, he copied the ttf files to his Windows XP computer and they worked. There’s no official confirmation if the fonts are compatible with XP or not. [via].

Friday, 16 November 2012

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Tuesday, 16 October 2012

How to Withdraw Money from PayPal A/c


How to Withdraw Money from PayPal A/c


आज हम आपको बता रहे हैं कि PayPal A/c में आया हुआ आपका पैसा आप किस तरह से और कितने तरीकों से प्राप्‍त कर सकते हैं। अपने PayPal A/c से अपना पैसा Withdraw करने के लिए आपको सबसे पहले अपने PayPal A/c में अपने Username/Password द्वारा Login करना होता है। जैसे ही आप अपने PayPal A/c में Login करते हैं, आप अपने PayPal A/c के “Overview” Menu Option के Page पर पहुंचते हैं। इस Menu में आपको Overview, Add Funds, Withdraw, History, Resolution Center व Profile नाम के विभिन्‍न Menu Options दिखाई देते हैं। इन Menu Options में आपको “Withdraw” Menu Option को Click करना होता है। इस Withdraw Menu Option को Click करते ही आपके सामने Withdraw Funds Heading का Webpage आता है, जहां पर PayPal Company आपको अपना पैसा तीन तरीकों से Withdraw करने की सुविधा देता है।




1) आप अपना पैसा सीधे ही अपने Bank A/c में प्राप्‍त कर सकते हैं।

2) आप अपना पैसा Check द्वारा अपने PayPal A/c में Specify किए गए Address पर प्राप्‍त कर सकते हैं। और

3) आप अपना पैसा अपने Debit Card / Credit Card A/c में प्राप्‍त कर सकते हैं।


तीनों ही तरीकों में हमें सबसे सबसे सही व सु‍रक्षित तरीका अपने Bank A/c में अपना पैसा प्राप्‍त करना ही लगता है, क्‍योंकि Check के खो जाने की या Return हो जाने की सम्‍भावना रहती है और यदि एसा होता है, तो PayPal Company Check Return होने की स्थिति में आप पर 250/- रूपए का Fine Charge करती है। जबकि आप अपना पैसा अपने Debit Card / Credit Card A/c में तभी प्राप्‍त कर सकते हैं, जबकि पहले आपने अपना Debit Card / Credit Card अपने PayPal A/c से Link व Confirm करवाया हो।



अपने Card को अपने PayPal A/c से Link करने में हमें कोई परेशानी नहीं होती है, लेकिन हम अपने Card को PayPal Company में उसी स्थिति में Confirm करवा सकते हैं, जबकि हमें हमारा Bank Online Banking की सुविधा प्रदान करता हो, क्‍योंकि PayPal Company हमें हमारे Card को PayPal Company में Comfirm करवाने के लिए 4-Digit का एक Code भेजता है। लेकिन वो Code हमें केवल हमारे Online Bank A/c पर ही दिखाई देता है। साथ ही इस Confirmation में PayPal Company हमारे Credit / Debit Card से $1.95 यानी लगभग 100 रूपए लेता है और वह रूपया हमें फिर से अपने PayPal A/c में तभी प्राप्‍त होता है, जबकि हम हमारे Card को Confirm करने के लिए उन 4-Digit के Code को उपयोग में लेते हैं।


Withdrawing Money from PayPal A/c to Bank A/c 
जब हम PayPal A/c से अपने Bank A/c में पैसा Transfer करते हैं, तो इस Transaction को Confirm होने में यानी हमारे Bank A/c में पैसा आने में 5-7 दिन लगते हैं। साथ ही यदि हम 7000 रूपए या उससे ज्‍यादा पैसा Withdraw करते हैं, तो हमें PayPal Company को किसी तरह का Service Charge नहीं देना होता है, लेकिन यदि हम 6999 रूपए तक का Amount Withdraw करते हैं, तो PayPal Company Service Charge के रूप में 50 रूपए Commision लेता है। इसके अलावा हमारा Bank भी इस Transaction के लिए कुछ ना कुछ Service Charge लेता है। जब हम PayPal A/c से अपने Bank A/c में अपना पैसा Withdraw करते हैं, तो हमें कम से कम $10 Withdraw करना जरूरी होता है। इससे कम Amount को Withdraw नहीं किया जा सकता। हम इस Webpage पर दिखाई देने वाले “minimum withdrawal limit” Hyperlink पर Click करके विभिन्‍न प्रकार की Currencies की Minimum Withdrawal Limit की जानकारी प्राप्‍त कर सकते हैं। जब हम हमारा पैसा Indian Bank A/c में प्राप्‍त करना चाहते हैं, तब हमें इस Webpage पर दिखाई देने वाले पहले “Withdraw funds to your bank account” Hyperlink को Click करना होता है। जब हम इस Hyperlink को Click करते हैं, तब हमारे सामने एक नया Webpage Display होता है, जहां हमें हमारे PayPal A/c का वह Balance दिखाई देता है, जिसमें से हम हमारे Bank A/c में Withdraw करना चाहते हैं। Amount नाम के Text Box में हमें वह Amount Specify करना होता है, जिसे हम हमारे Bank A/c में Withdraw करना चाहते हैं। इस Page पर दिखाई देने वाले Combo Box में हमें हमारे उस Bank A/c के नाम व अन्तिम चार Number दिखाई देते हैं, जिन्‍हें हमने हमारे PayPal A/c से Link किया है। हम हमारे PayPal A/c से एक से ज्‍यादा Bank A/c को Link कर सकते हैं और हम जितने Bank A/c को अपने PayPal A/c से Link करते हैं, उन सभी Banks के नाम व चार Numbers हमें इस Combo Box यानी List Box में दिखाई देते हैं। यदि आपने अपना Bank A/c अपने PayPal A/c से अभी तक Link नहीं किया है, तो इसी Webpage पर दिखाई देने वाले “Add bank account” Hyperlink पर Click करके आप अपना Bank A/c आने PayPal A/c से Link कर सकते हैं। अपने Bank A/c को अपने PayPal A/c से Link करने की पूरी जानकारी आप इसी Blog पर “Linking Bank A/c with PayPal A/c” Post पर प्राप्‍त कर सकते हैं। यदि आप जानना चाहते हैं कि आप जितना Amount Withdraw कर रहे हैं, वह Amount भारत के कितने रूपयों के बराबर है, तो आप इस जानकारी को इसी Webpage पर दिखाई देने वाले “Currency Converter” Hyperlink को Click करके प्राप्‍त कर सकते हैं। जब आप इस Hyperlink को Click करते हैं, तब आपके सामने एक नया Webpage आता है, जिसमें आप विभिन्‍न प्रकार की Currencies को Convert करके उनकी Actual Rate जान सकते हैं। इस Webpage पर दिखाई देने वाली सभी Information भरने के बाद आपको इस Page पर दिखाई देने वाले Continue Button पर Click करना होता है और आगे आने वाले Confirmation Webpages में दी गई Information के आधार पर Follow करना होता है। 


Withdrawing Money from PayPal A/c through Check
जब आप अपने PayPal A/c का पैसा Check द्वारा प्राप्‍त करना चाहते हैं, तो आपको ये Check 4-6 दिन में प्राप्‍त होता है। साथ ही Check Issue करने के बदले में PayPal Company $5 Service Charge करता है। PayPal Company जो Check Issue करता है, उसे उसी Bank A/c में Deposit किया जा सकता है, जिसके नाम से Issue किया गया है। यदि आपका नाम PayPal A/c व Bank A/c दोनों में अलग-अलग है, तो फिर आप इस Check को अपने Bank A/c में Deposit नहीं करवा सकते और आप इस Check को रोक भी नहीं सकते, इसलिए ये Check फिर से PayPal Company को Return होता है, जिसके बदले में PayPal Company आप पर 250/- रूपए का Fine Charge करता है। इसलिए आप अपना PayPal A/c उसी नाम से Create कीजिए, जिस नाम का आपका Bank A/c है। सही नाम का PyaPal A/c Create करने से सम्‍बंधित पूरी जानकारी के लिए इसी Blog के “Creating Personal / Premiem PayPal A/c” Heading के दोनों Post को देखिए। जब आप अपने PayPal A/c से अपना पैसा Check द्वारा प्राप्‍त करना चाहते हैं, तो आपको “Withdraw Funds” Heading वाले Webpage पर दिखाई देने वाले दूसरे Hyperlink “Request a check from PayPal” को Click करना होता है। जब हम इस Hyperlink पर Click करते हैं, तब आपके सामने एक नया Webpage Display होता है, जहां आपको अपना PayPal Balance व Amount नाम का Text Box दिखाई देता है। इस Text Box में आपको वह Amount Specify करना होता है, जिसे आप Check द्वारा अपने PayPal A/c से Withdraw करना चाहते हैं। Withdrawing Amount आपके PayPal A/c के Balance Amount से ज्‍यादा नहीं होना चाहिए। इस Form पर आपको वह नाम दिखाई देता है, जिस नाम का Check PayPal Company Issue करता है। इस Form पर आप अपना First Name तो Change कर सकते हैं, लेकिन आप अपना Last Name Change नहीं कर सकते। इसलिए यदि यहां पर दिखाई देने वाला नाम वो नहीं है, जो कि आपके Bank A/c में है, तो सबसे पहले आप PayPal Company में अपना सही नाम Register करवाएं। यदि आपने सही नाम का PayPal A/c Create नहीं किया है, तो फिर PayPal Company से नाम Change करने की Request करने के बजाय अपने सही नाम का एक नया PayPal A/c Create करें, क्‍योंकि यदि आप PayPal Company में अपना नाम Change करने की Request करेंगे, तो आपको बहुत सारी Formalities PayPal Company को भेजनी पडेंगी, जो कि एक लम्‍बा Process है। इसी Webpage पर आपको वह Address दिखाई देता है, जिसे आपने अपना PayPal A/c Create करते समय Specify किया था। यदि ये Address गलत हो, तो आपको आपका Check सही Address पर प्राप्‍त नहीं होगा। इसलिए यदि आप चाहें तो इसी Webpage पर दिखाई देने वाले “Add an address” Hyperlink पर Click करके आप अपना नया Address Specify कर सकते हैं। आप जो Address Specify करते हैं, आपका Check उसी Address पर आता है, इसलिए आप अपना Address बिल्‍कुल सही रखें। जब आप Check द्वारा अपने PayPal A/c से अपना पैसा Withdraw करते हैं, तब आप केवल $3000 तक ही Check द्वारा Receive कर सकते हैं, साथ ही आप हर महीने केवल $500 ही Check द्वारा मंगवा सकते हैं। इसके अलावा जब आप Check द्वारा अपना पैसा मंगवाते हैं, तब आपको कम से कम $150 Withdraw करना जरूरी होता है। PayPal Company इससे कम Amount का Check Issue नहीं करती है। सभी Information भरने के बाद आपको इस Page पर दिखाई देने वाले Continue Button पर Click करना होता है और आगे आने वाले Confirmation Webpages में दी गई Information के आधार पर Follow करना होता है।


Withdrawing Money from PayPal A/c to Bank Card 
यदि आप अपने PayPal A/c का पैसा अपने Bank Card पर प्राप्‍त करना चाहते हैं, तो सबसे पहली शर्त यही है, कि आपके पास VISA Card हो, फिर भले ही वह VISA Credit Card हो अथवा VISA Debit Card हो। साथ ही जब आप अपने Card में पैसा प्राप्‍त करना चाहते हैं, तब PayPal Company आपसे Service Charge के रूप में $5 लेता है और आपके PayPal A/c का पैसा आपके Card में आने में 5-7 दिन का समय लगता है। साथ ही यदि आपका पैसा एक Currency से दूसरी Currency में Convert करना पडता है, यानी यदि आप US Dollars (USD) में अपना पैसा Withdraw करते हैं लेकिन आपके Card में वह पैसा Indian Rupees (INR) के रूप में आता है, तो इस Conversion का भी Extra Charge लगता है, जो आपको Pay करना पडता है। अपने PayPal A/c का पैसा अपने VISA Card में प्राप्‍त करने के लिए आपको “Withdraw Fund” Heading के Webpage पर दिखाई देने वाले तीसरे Hyperlink “Withdraw funds to your card” को Click करना होता है। जैसे ही आप इस Hyperlink पर Click करते हैं, आपके सामने एक नया Webpage Show होता है, जिस पर आपका नाम पहले से ही लिखा हुआ होता है। यहां आपको आपके उस Card का Number व Verification Number तथा आपके Card के Expire होने की Date Specify करनी होती है, जो कि आपके VISA Card पर पहले से ही लिखी होती है। यदि आपका Card पहले से ही आपके PayPal A/c से Link हो, तो आप उस Card को Select कर सकते हैं अन्‍यथा आपको ये सभी Information Fill करके Webpage पर दिखाई देने वाले Add Card Button को Click करना होता है और आगे आने वाली Information को Follow करना होता है। चूंकि हम VISA Card उपयोग में नहीं लेते हैं, इसलिए हम इसके सम्‍बंध में इससे ज्‍यादा जानकारी नहीं दे सकते हैं। लेकिन यदि आप VISA Card में पैसा प्राप्‍त करना चाहते हैं, तो PayPal Website पर आगे आने वाले Webpages पर दी गई जानकारियों को ध्‍यान से पढिए। उस पर वे सभी जानकारियां होती हैं, जो आपके Card के पैसा Withdraw करने से सम्‍बंधित होती हैं। हमने अभी तक PayPal Company द्वारा प्रदान किए गए तीन Withdrawal तरीकों के बारे में जाना। आप स्‍वयं समझ सकते हैं कि अपने PayPal A/c से अपना पैसा Withdraw करने का सबसे सरल, सस्‍ता व Secure तरीका यही है कि हम अपने PayPal A/c का पैसा सीधे ही अपने Bank A/c में Transfer करें। तो इस तरह से हमने PayPal पर अपना PayPal A/c Create करने और उससे अपना पैसा Withdraw करने के बारे में जाना। यदि हम PayPal Company द्वारा दी जा रही सुविधाओं व PayPal Company द्वारा लिए जा रहे Charges के बारे में सारांश में बात करें, ये सारांश निम्‍नानुसार हो सकता है:

1) PayPal Website पर किसी भी तरह का PayPal A/c Create करना बिल्‍कुल Free है।

2) आने PayPal A/c द्वारा किसी को भी Online Payment करना बिल्‍कुल Free है।

3) 7000/- या उससे ज्‍यादा रूपया सीधे ही अपने Bank A/c में प्राप्‍त करना बिल्‍कुल Free है लेकिन यदि 7000/- से कम रूपया Withdraw किया जाए, तो आपको 50/- रूपया Charge देना होगा।

4) यदि आपने Personal PayPal A/c Create किया है, तो किसी दूसरे व्‍यक्ति के PayPal A/c से आने वाले रूपयों को अपने PayPal A/c में प्राप्‍त करना बिल्‍कुल Free है, लेकिन फिर यदि आप किसी व्‍यक्ति द्वारा आने वाले Credit / Debit Card का पैसा अपने PayPal A/c में प्राप्‍त करना चाहें, तो आप पूरे साल में केवल पांच ही एसे Payments अपने PayPal A/c में प्राप्‍त कर सकते हैं साथ ही आपको आने वाले Payment पर लगभग 5.5% Commission PayPal Company को देना होगा। जबकि यदि आपने Premiem PayPal A/c या Business PayPal A/c Create किया है, तो किसी के Paypal A/c Balance से आने वाले पैसों पर आपको 2.5% से 3.5% Commision PayPal Company को देना होता है, और आप जितने चाहें उतने Credit Card / Debit Card Payments को Receive कर सकते हैं। 

5) यदि PayPal A/c से पैसा Withdraw करते समय PayPal Company को Currency Conversion करना पडता है, तो इस Conversion के लिए PayPal Company 2.5% Charge करता है। PayPal Company द्वारा लिए जाने वाली विभिन्‍न प्रकार की Feeses की जानकारी प्राप्‍त करने के लिए आप PayPal की Website के किसी भी Page पर Fees नाम के Hyperlink पर Click करके पूरी व Updated जानकारी प्राप्‍त कर सकते हैं।  

Earn Money Online - Hindi


Earn Money Online - Hindi



अगर आप Internet पर काफी Surfing करते हैं अथवा आपका अपना Blog या Website है, जिस पर आप अक्‍सर कुछ ना कुछ लिखते रहते हैं, तो आप Internet से कुछ पैसा भी कमा सकते हैं। Internet पर कुछ Side Income करने के लिए ये जरूरी नहीं है कि आपके पास अपना स्‍वयं का Blog या Website हो, लेकिन यदि आप Internet द्वारा कुछ Side Income करना चाहते हैं, तो कम से कम आपके पास अपना एक Blog जरूर होना चाहिए, क्‍योंकि जिस तरह से किसी भी काम को करने के लिए हमें किसी ना किसी माध्‍यम की जरूरत जरूर पडती है, ठीक उसी तरह से यदि हम Internet पर कुछ Side Income करना चाहें, तो हमारा Blog उस Internet Business के माध्‍यम के रूप में काम करता है। चलिए, पहले हम समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर Internet पर पैसा कैसे कमाया जा सकता है ?

ये बात तो हम सभी समझ ही हैं कि विभिन्न कम्पनियां ज्यादा से ज्यादा तरक्की करना चाहती हैं। लेकिन विभिन्न कम्पनियां केवल उसी स्थिति में ज्‍यादा से ज्‍यादा तरक्‍की कर सकती हैं, जब उनके द्वारा बनाया जाने वाला Product Market में ज्‍यादा से ज्‍यादा बिके और ज्‍यादा से ज्‍यादा लोग किसी कम्‍पनी के Product को केवल उसी स्थिति में खरीद सकते हैं, जबकि उस कम्‍पनी के Products के बारे में ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों को जानकारी हो, क्‍योंकि जब तक लोग किसी चीज के बारे में जानेंगे नहीं तब तक वे उसे खरीद कैसे सकते हैं और जब तक लोग किसी चीज को खरीदेंगे नहीं, तब तक उस चीज को बनाने वाली कम्‍पनी तरक्‍की कैसे कर सकती है। इसलिए विभिन्‍न कम्‍पनियां अपने Products के बारे में ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों को बताने के लिए विभिन्‍न प्रकार के Advertisement करती है और अपने Products की Advertising करने के लिए वे ऐसे Distribution माध्‍यमों को चुनती हैं, जिन्‍हें ज्‍यादा से ज्‍यादा लोग उपयोग में लेते हैं। वे अपने Product की Advetising करने के लिए TV, Radio, News Papers, Banners, Pamplates आदि माध्‍यमों को उपयोग में लेती हैं और उन्‍हीं Distribution Mediums में से एक माध्‍यम Internet है।

आप सोचेंगे कि विभिन्‍न कम्‍पनियों के Products का Internet से क्‍या लेना-देना है, तो हम आपको बता दें कि एक Survey के अनुसार ये पता चला है कि इस दुनियां में सोने और कमाने के बाद इन्‍सान टी वी देखने और Internet Surfing करने में अपना समय सबसे ज्‍यादा व्‍यतीत करता है।

इसका मतलब ये हुआ कि Internet Surfing दुनियां का चौथा सबसे ज्‍यादा किया जाने वाला काम है और यदि हम दूसरे नजरिए से देखें तो Internet ही एक एसा स्‍थान है, जहां किसी भी समय दुनियां के सबसे ज्‍यादा लोग एक साथ एक जगह पर इकट्ठे होते हैं। Internet के अलावा किसी भी अन्‍य जगह पर करोडों लोग एक साथ एक ही समय पर उपलब्‍ध नहीं होते। यानी Internet ही वह जगह है, जहां हर समय करोडों लोगों की भीड होती है। इसलिए विभिन्‍न कम्‍पनियां अपने Products की Advertising करने के लिए TV, Radio, News Papers, Banners के साथ ही Internet को भी Advertising Medium के रूप में उपयोग में लेती हैं।

विभिन्‍न कम्‍पनियां अपने Product की Advertising करने के लिए करोडों डॉलर का खर्चा करती हैं। यदि हम कहें कि दुनियां का सबसे ज्‍यादा पैसा केवल Advertisement पर खर्च होता है, तो गलत नहीं होगा। अपने Product की Advertisement के बदले में ये कम्‍पनियां उन लोगों को काफी पैसा देती हैं, जो इनके Products की Advertising करने के लिए माध्‍यम का काम करते हैं। उदाहरण के लिए जब ये कम्‍पनियां टी वी पर अपने Product की Advertising करती हैं, तब TV Channels के मालिक इन्‍हें हर Second की Ad के लिए लाखों रूपया चार्ज करते हैं। इसी तरह से जब ये कम्‍पनियां अपने Product की Advertising Radio या News Papers में करती हैं, तो ब‍दले में इन्‍हें Radio Channel या News Paper मालिकों को पैसा देना पडता है। इसी तरह से जब ये कम्‍पनियां अपने Product की Advertigins रोड के आस-पास, सिनेमा हॉल के आस-पास या एसे ही किसी Public Places पर करती हैं, तब इन्‍हें नगर पालिका या नगर निगम वालों को पैसा देना पडता है। यानी सारांश में कहें तो ये कम्‍पनियां किसी भी जगह पर किसी भी तरीके से Advertisement करने के बदले में किसी ना किसी को पैसा जरूर देती हैं।

TV Channels, Radio Stations, News Papers जैसे बडे माध्‍यमों तक तो एक आम आदमी की पहुंच नहीं है, लेकिन Internet एक एसा माध्‍यम है, जहां पर एक आम आदमी की ही सबसे ज्‍यादा पहुंच है क्‍योंकि सबसे ज्‍यादा आम आदमी Internet पर ही उपलब्‍ध होते हैं और कम्‍पनियां अपने Products की Advertising आम आदमी के लिए ही करती हैं। इसलिए ये कम्‍पनियां उन लोगों को भी Directly या Indirectly पैसा देना पसन्‍द करती हैं, जो इनके Products की Direct या Indirect तरीके से Advertising करते हैं। बस यहीं से हमारा काम चालू होता है। हम इन कम्‍पनियों के Products की किसी ना किसी तरीके से Advertising करते हैं और बदले में हमें इन कम्‍पनियों से कुछ ना कुछ Commision प्राप्‍त होता है।

Internet द्वारा पैसा कमाना आसान भी नहीं है और ना ही इतना मुश्किल कि उसे हम जैसे लोग ना कर सकें। इस काम में भी हमें काफी मेहनत करनी पडती है लेकिन जैसे-जैसे हमें काम करने का तरीका समझ में आता जाता है, हमारा काम आसान होता जाता है। शर्त ये है कि हमें इसे मजाक के रूप में नहीं बल्कि एक गंभीर व्‍यवसाय के रूप में लेना होगा और जिस तरह से किसी भी नए व्‍यवसाय में हमें समय देना पडता है, उसी तरह हमें इस व्‍यवसाय में भी कुछ समय देना होगा। अगर आपके पास एक Computer, एक Internet Connection व एक Bank Account है, तो आप इस काम को Join कर सकते हैं और बिना अपने घर से बाहर निकले हुए भी पर्याप्‍त पैसा कमा सकते हैं।
अगर आप Internet पर Side Income करना चाहते हैं और इस Business को मजाक के रूप में नहीं बल्कि एक Serious Business के रूप में देखते हैं, तो इस Online Business को Establish करने के लिए आपके पास कम से कम एक Blog तो होना ही चाहिए। क्‍योंकि Internet पर Side Income करने के लिए आपका ये Blog आपके और पैसों के बीच एक माध्‍यम के रूप में काम करता है। तो सबसे पहले आप अपना Blog बनाईए।  


Create a Blog
ज्‍यादातर लोग अपना Blog बनाने के बाद ये तय ही नहीं कर पाते कि वे किस विषय पर लिखें, ताकि ज्‍यादा से ज्‍यादा लोग उनके Blog पर आऐं। लगभग सभी नए Bloggers के साथ यही समस्‍या रहती है। इसलिए सामान्‍यतया जब लोग अपना Blog बनाते हैं, तो वे अपने बारे में ही लिखना शुरू कर देते हैं, कि उन्‍हें क्‍या पसन्‍द है, उन्‍हें क्‍या पसन्‍द नहीं है, उनके साथ लोग कैसा व्‍यवहार करते हैं, वगेरह वगेरह। अगर आप भी केवल अपने बारे में ही लिखने जा रहे हैं, तो भूल जाईए कि लोग आपके Blog पर आऐंगे और आपके बारे में पढ कर खुश होंगे। लोगों को आपसे और आपकी जिन्‍दगी के रोने-धोने से कोई मतलब नहीं है। हां, अगर आपकी जिन्‍दगी कुछ Special तरह की है, तो आप अपने बारे में लिख सकते हैं और इस स्थिति में हो सकता है कि लोग आपके Blog पर आपके बारे में जानने के लिए भी आएं। लेकिन अगर आप Extra Ordinary नहीं हैं, तो फिर अपने बारे में मत लिखिए। बल्कि आप उनके बारे में लिखिए, जिन्‍हें लोग ज्‍यादा पसन्‍द करते हैं। तो सबसे पहले अपना ब्‍लॉग बनाईये। ब्‍लॉग बनाने से संबंधित सारी जानकारी प्राप्‍त करने के लिए आप  "Online Money with Blogging" EBook Download कर सकते हैं। ये पुस्‍तक हिन्‍दी भाषा में लिखी गई है और आप इसे पढकर आसानी से अपना ब्‍लॉग बना सकते हैं। 


Types of Bloggers
वास्‍तव में Internet की दुनियां में दो तरह के Blogger होते हैं यानी दो तरह के लोग Internet पर अपना Blog लिखते हैं। पहले तरह के Blogger वे होते हैं जो केवल आत्‍म संतुष्टि के लिए यानी अपने लिए लिखते हैं। वे अपने Blog में अपने साथ हो रही अच्‍छी या बुरी घटनाओं के बारे में लिखकर अपनी खुशी या तकलीफ का इजहार करते हैं। ज्‍यादातर लोग तो केवल अपनी भडास निकालने के लिए ही Blog लिखते हैं। ऐसे लोगों के Blog पर लोग दो-चार बार तो जाते हैं लेकिन बाद में उन्‍हें पता चल जाता है कि आखिर वह Blogger क्‍या और क्‍यों लिख रहा है और अपना रोना क्‍यों रो रहा है। इसलिए ऐसे Bloggers के Blog पर बहुत ही कम लोग बार-बार जाते हैं। दूसरे तरह के Blogger वे होते हैं, जो दुनियां को कुछ देना चाहते हैं और बदले में कुछ प्राप्‍त करना चाहते हैं। ऐसे Bloggers के Blog पर आपको हर बार कोई ना कोई अच्‍छी जानकारी जरूर मिलती है, जो कि आपके लिए Directly या Indirectly कभी ना कभी जरूर उपयोगी साबित होती है। हालांकि ऐसे Bloggers के Blog पर शुरूआत में कम लोग आते हैं, लेकिन जब एक बार कोई ऐसे Blog पर आ जाता है, तो वह उस Blog पर नई-नई जानकारियां प्राप्‍त करने के लिए बार-बार आता है। अब आप तय कीजिए कि आप किस तरह के Blogger बनना चाहते हैं। जाहिर है कि आप दूसरे तरह के Blogger ही बनना चाहेंगे, लेकिन अक्‍सर लोग दूसरे तरह के Blogger बनते-बनते पहले तरह के Blogger बन जाते हैं और ऐसा तब होता है, जब वे लोग सही विषय का चुनाव नहीं कर पाते अथवा सही विषय का चुनाव करने के बावजूद कुछ समय बाद भटक जाते हैं और किसी फालतू विषय पर Blog लिखना शुरू कर देते हैं। किसी भी विषय को चुनने से पहले आपको Internet Surfing करने वाले लोगों की Psychology यानी मनोविज्ञान को समझना होगा। यानी आपको Internet Surfers के दिमाग को पढना होगा और ये समझना होगा कि आखिर लोग Interner पर आते क्‍यों हैं ? क्‍या आपने कभी सोंचा है कि लोग Internet पर क्‍या करने के लिए आते हैं ?

हर इन्‍सान में एक लाईलाज बीमारी है और इस बीमारी का ईलाज करने के लिए सभी लोग वो सबकुछ करते हैं जो कर सकते हैं। इस बीमारी का ईलाज करने के लिए सभी लोग एक दूसरे से बात करते हैं, दोस्‍त बनाते हैं, रिश्‍ते-नाते और सम्‍बंध बनाते हैं, टी वी देखते हैं, रेडियो सुनते हैं, News Paper पढते हैं और Internet Surfing करते हैं और इन सब कामों को करने के लिए सभी लोग Directly या Indirectly पैसा खर्च करते हैं। क्‍या आप जानना चाहते हैं कि ये लाईलाज बीमारी क्‍या है?

इस लाईलाज बीमारी का नाम है जिज्ञासा यानी जानने की इच्‍छा और इस इच्‍छा को पूरा करने के लिए ही इन्‍सान लोगों से बात करता है, सम्‍बंध बनाता है, टी वी देखता है, रेडियो सुनता है और Internet पर Surfing करता है। इन्‍सानों की ये विशेषता होती है कि वे जब तक किसी चीज के बारे में जानते नहीं है, तब तक उसकी परवाह नहीं करते, लेकिन जब एक बार वे किसी चीज के बारे में देख या सुन लेते हैं, तो उस चीज को वे जब तक पूरी तरह से समझ नहीं लेते तब तक उनके दिमाग में खलबली मची रहती है और अपने दिमाग की इस उथल-पुथल को शान्‍त करने के लिए ही ज्‍यादातर लोग Internet Surfing करते हैं, क्‍योंकि वे कुछ ना कुछ जानना चाहते हैं, उन्‍हें किसी ना किसी जानकारी की तलाश है। चलिए, इसी बात को एक उदाहरण द्वारा समझते हैं। अगर आप Internet पर Surfing करते हैं, तो आप सबसे ज्‍यादा बार कौनसी Website Open करते हैं? कभी ध्‍यान नहीं दिया ? तो हम बताते हैं आपको। कोई भी Internet Surfer यदि सबसे ज्‍यादा बार कोई Website Open करता है, तो वह कोई ना कोई Search Engine जैसे कि Google, Yahoo, MSN, AOL आदि होता है। आप सबसे ज्‍यादा बार इन्‍हीं Websites को क्‍यों Open करते हैं? इसलिए, क्‍योंकि आपको किसी ना किसी विषय में कोई ना कोई जानकारी चाहिए होती है और ये Search Engines आपको आपकी वांछित जानकारी तक पहुंचाने का काम करते हैं। जब भी आपको किसी विषय की जानकारी चाहिए होती है, आप इन Search Engines के Search Box में अपने विषय से सम्‍बंधित कुछ Keywords यानी शब्‍द लिखते हैं और ये Search Engines उन Keywords से सम्‍बंधित Websites की List आपके सामने Display करते हैं। बस, जो आप कर रहे हैं वो ही लोग करते हैं और जिसके लिए आप कर रहे हैं उसी के लिए लोग करते हैं, यानी सभी लोग किसी ना किसी चीज के बारे में जानकारी प्राप्‍त करने के लिए ही Internet का प्रयोग करते हैं।

पूरे Discussion को सरल शब्‍दों में कहें तो सभी लोगों को कोई ना कोई परेशानी है और उस परेशानी से छुटकारा पाने के लिए उन्‍हें किसी ना किसी चीज या विषय के बारे में जानने की इच्‍छा है। उस चीज या विषय को जानने के लिए सभी लोग विभिन्‍न प्रकार के माध्‍यम जैसे कि आपसी सम्‍बंध, दोस्‍त, रिस्‍तेदार, टी वी चेनल्‍स्, रेडियो, अखबार आदि का प्रयोग करते हैं और जब लोगों की जिज्ञासा इन सभी माध्‍यमों से पूरी तरह से शान्‍त नहीं हो पाती, तब लोग Internet पर आते हैं और Surfing करके अपनी जिज्ञासा को शान्‍त करने की कोशिश करते हैं।

तो इस पूरे Discussion से क्‍या सारांश निकला। सारांश ये निकला कि लोग आपके बारे में या आपकी समस्‍याओं के बारे में जानने के लिए Internet Surfing नहीं करते हैं, बल्कि उनकी खुद की कुछ समस्‍याएं हैं, जिनके समाधान प्राप्‍त करने के लिए वे Internet Surfing करते हैं। इसलिए आप अपने Blog में अपने बारे में नहीं बल्कि उस चीज, उस विषय या उस समस्‍या के बारे में लिखें, जिसकी लोगों को जरूरत है और केवल समस्‍या ही नहीं लिखें, बल्कि उस समस्‍या का समाधान भी बताएं। साथ ही आप इस बात का भी ध्‍यान रखें कि आप जिस विषय पर लिख रहे हैं, उसके बारे में पूरी जानकारी दें, ताकि एक Internet Surfer को आपके Blog पर आने के बाद किसी और Blog या Website पर जाने की जरूरत ही ना रहे।

जब आप लोगों को पूरी, विस्‍त़त व बिल्‍कुल सही जानकारी देंगे, तो लोग बार-बार आपके Blog पर आएंगे और जितने ज्‍यादा Repeat Surfer आपके Blog पर आएंगे, लोग आप पर और आपके द्वारा दी जाने वाली जानकारियों पर उतना ही ज्‍यादा विश्‍वास करेंगे और जब लोग आप पर विश्‍वास करने लगेंगे, तब वे वो सबकुछ करेंगे, जो आप कहेंगे। आप उन्‍हें यदि कोई चीज बेचना चाहेंगे, तो वे खरीदेंगे। आप उनसे किसी जानकारी के बदले में Donation लेना चाहेंगे, तो वे आपको Donation देंगे। यानी वे सभी लोग वो सबकुछ करेंगे, जो आप चाहेंगे।

अब आपको ये तय करना है कि लोग आखिर किस विषय पर जानकारी प्राप्‍त करना चाहते हैं और लोग जिस विषय पर जानकारी प्राप्‍त करना चाहते हैं, उसी विषय पर लिखना शुरू कीजिए। लेकिन आपको कैसे पता चलेगा कि लोगों को किस तरह की जानकारी की जरूरत है? अच्‍छा सवाल है, लेकिन इस सवाल का जवाब भी हम आपको Indirect तरीके से ही दे सकते हैं।

ज्‍यादातर लोग ये कहते हैं कि आपको उन विषयों को लिखने के लिए चुनना चाहिए, जिन्‍हें बहुत ज्‍यादा लोग खोजते हों और जिन पर बहुत कम Websites उपलब्‍ध हों। लेकिन हम इसका उल्‍टा कहते हैं। इस दुनियां में एसी कोई जानकारी नहीं है, जिसके सम्‍बंध में Internet पर कोई Website उपलब्‍ध ना हो और बहुत ज्‍यादा लोग उन जानकारियों को Search कर रहे हों। आप किसी भी Search Engine जैसे कि Google, Yahoo को Open कीजिए और उसके Search Text Box में कोई भी शब्‍द Type करके उस शब्‍द से सम्‍बंधित Websites को Search कीजिए। आपके सामने सैकडों नहीं लाखों Websites आ जाएंगी। इसका मतलब ये हुआ कि आप कभी कोई ऐसा विषय तय नहीं कर सकते, जिस पर पहले से कोई Website उपलब्‍ध ना हो, जिस पर पहले किसी ने ना लिखा हो और उस विषय की जरूरत बहुत सारे लोगों को हो।

अपने Blog पर लिखने के लिए ऐसा विषय खोजने की कोशिश मत कीजिए, जिसके बारे में बहुत सारे लोगों को जानकारी चाहिए, बल्कि ऐसा विषय खोजने की कोशिश कीजिए, जिसके बारे में आप सबसे बेहतर जानकारी दे सकते हैं। यानी ये मत सोंचिए कि लोगों को किस विषय की जानकारी की सबसे ज्‍यादा जरूरत है बल्कि ये सोंचिए कि आप लोगों को सबसे बेहतर जानकारी किस विषय में दे सकते हैं। लोगों को तो सभी तरह की जानकारियों की जरूरत है और करोडों लोग करोडों तरह की जानकारियां प्राप्‍त करना चाहते हैं, इसलिए आप किसी भी विषय पर लिखें, उस विषय से सम्‍बंधित जानकारी चाहने वाले भी लाखों लोग हैं।

इस दुनियां के हर इन्‍सान में कोई ना कोई विशेषता है। आप में भी होगी। कोई ना कोई ऐसा काम होगा, जिसे आप बहुत अच्‍छी तरह से कर सकते हैं। बस अपनी उस विशेषता को पहचानिए और उसी पर लिखना शुरू कीजिए। अगर आप वकील है, तो वकालत के बारे में लिखिए। अगर आप Photo Grapher हैं, तो Photo Graphy के बारे में लिखिए। अगर आपको राजनीजि के बारे में बात करने का शोक है, तो राजनीति पर लिखिए। यानी उस विषय को चुनिए, जिसके बारे में आप बेहतर तरीके से जानते हैं। अगर आपको कहानियां गढना आता है, तो अपनी भावनाओं को कहानियों के रूप में लिखिए। अगर आपको चुटकुले बनाना आता है, तो अपने चुटकुलों को अपने Blog पर लिखिए। यानी आप अपने अन्‍दर की उस विशेषता को पहचानिए, अपनी उस Hobby का पता लगाईए, जिसे पूरा करने में आपको सबसे ज्‍यादा मजा आता है।

अगर आपको हर फिल्‍म देखने का व उनके बारे में बात करने का शोक है, तो अपने Blog पर हर फिल्‍म के बारे में विस्‍तार से अपने Comment कीजिए। फिल्‍में बनते व बनाते समय होने वाली विभिन्‍न प्रकार की उन घटनाओं का पता लगाईए, जिसके बारे में लोग नहीं जानते और उन घटनाओं को अपने Blog पर लिखिए। आप विभिन्‍न Actors के जीवन में होने वाली घटनाओं के बारे में लिखिए। केवल Actors ही नहीं, बल्कि हर उस व्‍यक्ति के बारे में लिखिए, जो कि विशेष है या जिसने कोई ना कोई विशेष काम किया है। लोग विशेष लोगों के बारे में जानने के लिए हमेंशा उत्‍सुक रहते हैं, इसीलिए यदि आप इन विषयों पर लिखते हैं, तो आपके Blog पर काफी लोग आ सकते हैं, जो कि आपको Directly या Indirectly कुछ ना कुछ Income तो देते ही हैं।

अगर आपको Cricket का शोक है, तो क्रिकेट से सम्‍बंधित उन विभिन्‍न Records व घटनाओं के बारे में अपने Blog पर बताईए, जिसके बारे में लोग नहीं जानते। विभिन्‍न Cricketers की जिन्‍दगी के बारे में जानिए और उनके जीवने के Amazing Moments को अपने Blog का हिस्‍सा बनाईए। बहुत सारे लोग आपके Blog पर आऐंगे। क्‍योंकि फिल्‍में व क्रि‍केट जैसे विषयों के बारे में जानने में लोगों को बहुत मजा आता है और इसी मजे को पाने के लिए लोग पैसा भी खर्च करते हैं। यानी आपको जिस काम को करने में सबसे ज्‍यादा मजा आता है और आप जिस काम को बिना ऊबे हुए जुनून के साथ लम्‍बे समय तक कर सकते हैं, आप अपने Blog में उसी काम के बारे में लिखिए क्‍योंकि वही वह विषय है, जिसके बारे में आप सबसे बेहतर जानते हैं और सबसे बेहतर तरीके से लिख सकते हैं। चलिए, अब आपको पता है कि आपको किस विषय पर अपने Blog में लिखना चाहिए। यानी आपने वो विषय चुन लिया है, जिस पर आप लिखना चाहते हैं। अब आपको ये तय करना है कि आप किसके‍ लिए लिखना चाहते हैं यानी आपका Targeted Traffic कौनसा है।

दूसरे शब्‍दों में कहें तो आप किसको Target करके लिखेंगे ताकि ज्‍यादा से ज्‍यादा Targeted Traffic आपको प्राप्‍त हो सके। आपके Blog पर आपके द्वारा दी जाने वाली जानकारी जिन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है वे लोग आपका Targeted Traffic कहलाते हैं। उदाहरण के लिए यदि आप वकील हैं और अपने Blog पर वकालत से सम्‍बंधित जानकारियां देते हैं, तो वे सभी लोग आपके Blog को पढने के लिए आ सकते हैं, जिन्‍हें किसी ना किसी तरह की कानून सम्‍बंधित समस्‍या है और जिन लोगों को कानून से सम्‍बंधित किसी तरह की समस्‍या है, वे लोग आपका Targeted Traffic हैं।

आपके Targeted Traffic का आपके Blog के विषय से भी गहरा सम्‍बंध होता है। इसलिए आपको ये भी तय करना होगा कि आप जिस विषय पर लोगों को जानकारी देना चाहते हैं, उस विषय से सम्‍बंधित जानकारी चाहने वाले लोग किस स्थिति में आपके Blog पर दी जाने वाली जानकारी को खरीदना पसन्‍द कर सकते हैं। अगर आप ऐसे लोगों को Target करके लिखते हैं, जो कि आपकी किसी जानकारी को खरीदने में Interested हो सकते हैं, तो आपके लिए Online Income करने का ये एक और बेहतर Option होता है, जिसमें आप अपने Targeted Traffic को किसी विषय से सम्‍बंधित पूरी जानकारी देने के बदले में उन्‍हें अपने किसी Information Product को खरीदने के लिए कह सकते हैं। लेकिन यदि आप उन लोगों के लिए लिख रहे हैं, जो कि किसी भी Information Product को खरीदने में Interested नहीं हो सकते, तब भी आपको चिन्‍ता करने की कोई जरूरत नहीं है। Internet पर कई ऐसे Advertisement उपलब्‍ध हैं, जिन्‍हें अपने Blog पर जगह देकर आप Indirect तरीके से Income कर सकते हैं।

जब हम Targeted Traffic की बात करते हैं, तब आपको ये भी सोचना होता है कि आप अपने Blog पर जिन लोगों को Target करके लिख रहे हैं, वे लोग किस भाषा में जानकारी चाहते हैं। यानी यदि आप भारत के हिन्‍दी भाषी लोगों के लिए लिख रहे हैं, तो आपको हिन्‍दी भाषा में लिखना होगा। लेकिन यदि आप हिन्‍दी भाषा में अपने Blog पर लिखते हैं, तो फिर पर्याप्‍त Online Income उसी स्थिति में हो सकती है, जब आप कोई Online Information Product Sell करते हों और आपका Targeted Traffic उस Online Information Product को खरीदने में भी Interested हो। क्‍योंकि ज्‍यादातर Online Advertisement करने वाली कम्‍पनियां हिन्‍दी भाषा और भारतीय लोगों के लिए अपने Products की Advertising नहीं करती हैं। ज्‍यादातर कम्‍पनियां भारतीय लोगों के लिए अपने Products की Advertising इसलिए नहीं करती हैं, क्‍योंकि आज भी भारतीय लोग Online खरीदारी नहीं करते हैं और आने वाले लम्‍बे समय तक कर भी नहीं सकते। अब आप पूछेंगे कि क्‍यों नहीं कर सकते? कुछ ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से भारतीय लोग Online खरीदारी नहीं कर सकते। सबसे पहला कारण ये है कि आज भी भारत के केवल लगभग 5 करोड लोग ही Internet का इस्‍तेमाल करते हैं और उनमें भी मुश्किल से 1 करोड लोग ही Internet को गंभीरता से समझते हुए इसका इस्‍तेमाल करते हैं। बाकी के लोग तो केवल Mail Check करने या Mail Receive करने से सम्‍बंधित जानकारियों तक ही सीमित हैं। ज्‍यादातर भारतीय लोग तो Internet का इस्‍तेमाल केवल Online Songs, Movies, Wallpapers, Screensavers व Pirated Softwares को Download करने के लिए ही करते हैं। यानी पहली बात तो यही है कि ज्‍यादातर भारतीय Internet Surfers तो E-Commerce के बारे में जानते ही नहीं हैं और जो लोग जानते हैं, वे लोग Online खरीदारी करने में डरते हैं। दूसरा कारण ये है कि यदि भारतीय लोग Online खरीदारी करना भी चाहते हैं, तो वे Online खरीदारी कर ही नहीं सकते। वे Online खरीदारी इसलिए नहीं कर सकते, क्‍योंकि हमारे देश में आज भी Online Banking की सुविधा प्राप्‍त करने के लिए एक आदमी को काफी पापड बेलने पडते हैं। एक आम आदमी को तो Bank से अपना Detailed Statement प्राप्‍त करने में भी नानी याद आ जाती है। विभिन्‍न Banks एक आम आदमी को Online Banking की सुविधा ही नहीं देती। ये Banks केवल अमीर व प्रभावशाली लोगों को ही Online Banking की सुविधा देती हैं। यदि एक आम आदमी Online Banking जैसी सुविधा प्राप्‍त करना चाहे, तो सबसे पहले तो ये Bank वाले उस आम आदमी से ठीक से बात ही नहीं करते और अगर बात करते भी हैं, तो ज्‍यादातर Bankers को या तो इस Online Banking के बारे में जानकारी ही नहीं होती और यदि जानकारी होती है, तो अपने आलस के कारण वे एक आम आदमी को ये सुविधा मुहैया नहीं करवाते और जब तक एक आम आदमी को Online Banking जैसी सुविधा प्राप्‍त नहीं है, तब तक वह विभिन्‍न प्रकार के Online Payments कैसे कर सकता है।

अब चूंकि ज्‍यादातर भारतीय लोगों के लिए Online खरीदारी करना आज भी एक टेढी खीर है, इसलिए विभिन्‍न कम्‍पनियां भारतीय भाषाओं में बनी Websites व Blogs पर अपने Products की Advertising करना तब तक पसन्‍द नहीं करतीं, जब तक कि उन Websites या Blogs पर लाखों लोग ना आते हों। इसलिए इन Companies के Products की महंगी Advertising तो आपको अपने Blog पर मिलेगी नहीं और जब इन Advertisng Companies के Products की महंगी Advertising आपको अपने Blog पर प्राप्‍त नहीं होगी, तब तक आपको Indirect तरीके से प्राप्‍त होने वाली Online Income काफी कम प्राप्‍त होगी। आप खुद ही सोंचिए, जिस जगह पर रखी गई चीज बिकने की सम्‍भावना ही ना हो, वहां पर चीज रखने के लिए कम्‍पनियां पैसा खर्च क्‍यों‍ करेंगी। इसलिए विभिन्‍न कम्‍पनियां भी अपने Products की Advertising उसी Blog / Website पर करना पसन्‍द करती हैं, जहां पर आने वाले लोग उनके Products को खरीदने में सक्षम हों और ऐसा केवल विकसित देशों यानी विदेशों में होता है। इसलिए ज्‍यादातर कम्‍पनियां उन लोगों के Blog या Website पर अपने Advertisements देती हैं, जो विदेशी भाषाओं में व विकसित देशों के लोगों के लिए लिखते हैं।

यदि सारांश के रूप में कहें तो हम तो आपसे यही कहेंगे कि यदि आप विभिन्‍न कम्‍पनियों के Products की Advertisement करके Online Income करना चाहते हैं, तो हिन्‍दी भाषा को भूल जाईए। Internet Advertisement की दुनियां में हिन्‍दी का कोई महत्‍व नहीं है। लेकिन यदि आप हिन्‍दी में ही लिखना चाहते हैं, तो समझ लीजिए कि आप बहुत ही छोटे Area में कमाने की कोशिश कर रहे हैं, क्‍योंकि हिन्‍दी केवल भारत में ही चलती है और यदि हम सही शब्‍दों में कहें तो भारत में भी केवल उत्‍तर भारत के कुछ ही राज्‍यों में हिन्‍दी भाषा का प्रयोग किया जाता है। यानी हमारे देश में ही हिन्‍दी भाषा को केवल 30% लोग ही उपयोग में लेते हैं, तो बाकी के देशों में लोग हिन्‍दी उपयोग में लेते होंगे, ये बात तो सोंचना ही बेवकूफी है और जब हिन्‍दी भाषा को इतने कम लोग उपयोग में लेते हैं, तो फिर सोंचिए कि अगर आप हिन्‍दी भाषा में Blogging करते हैं, तो आपके Blog पर कितने लोग आऐंगे, आपके Product को कितने लोग खरीदेंगे और आपको कितनी Online Income होगी क्‍योंकि यदि आप हिन्‍दी भाषा में लिखेंगे तो आपको विभिन्‍न कम्‍पनियों के महंगे Advertisement तो मिलेंगे नहीं और जब आपको महंगे Advertisement नहीं मिलेंगे तो दूसरा तरीका यही है कि आप अपने Blog के Through कोई ना कोई Product Sell करें, फिर चाहे वह कोई Physical Product हो या Information Product. और जैसाकि हमने पहले कहा कि भारतीय लोग आज भी Online खरीदारी या तो करते नहीं है या कर ही नहीं सकते, इसलिए आपके Online Income प्राप्‍त करने की एक सीमा बन जाएगी, जो कि आपके लिए पर्याप्‍त नहीं होगी।

ऐसा नहीं है कि हिन्‍दी भाषा में Blogging करने पर आपको Online Income नहीं होगी और ऐसा भी नहीं है कि आपको हिन्‍दी Blog पर Advertisement नहीं मिलेगी। कई एसी Companies हैं, जो हिन्‍दी Blog पर भी अपने Products की Advertisng करती हैं, लेकिन Hindi Blogging में आपकी Online Income सीमित ही रहेगी। क्‍योंकि हिन्‍दी Blog पर केवल भारतीय कम्‍‍पनियां ही Advertisement देंगी और भारतीय कम्‍पनियां आपको आपका Commission रूपयों में Pay करेंगी, जबकि यदि आपके Blog पर विदेशी कम्‍पनियां अपने Products की Advertisement देती हैं, तो वे आपको Dollars में Pay करेंगी। आप ही सोंचिए कि यदि आपको आपके Blog पर एक रूपए की भारतीय Advertising मिलती है तो वहीं आपको आपके Blog पर $1 यानी एक डॉलर की विदेशी Advertising मिल सकती है, जो कि भारत के लगभग 45 Rs. यानी 45 रूपयों के बराबर होती है। अब आप ही सोंचिए कि आपको भारतीय Advertising चाहिए या विदेशी। यदि आप हिन्‍दी में Blogging करना चाहते हैं, तो आपको एक रूपये से सन्‍तुष्‍ट होना होगा लेकिन य‍दि आप विदेशी Advertising चाहते हैं, तो आपको हिन्‍दी Blogging को छोडना होगा। आप स्‍वयं ही तय कीजिए कि आप किस भाषा में और किन लोगों के लिए Advertising करना चाहते हैं ? भारतीय भाषा में भारतीय लोगों के लिए या विदेशी भाषा में विदेशी लोगों के लिए।

चलिए, अब आप जानते हैं कि हिन्‍दी भाषा के Blog से आप ज्‍यादा Income नहीं कर सकते, तो फिर अब आप कौनसी भाषा में Blogging करेंगे? जाहिर सी बात है कि आपको English भाषा को अपनाना होगा। यदि हम Internet इस्‍तेमाल करने वाले लोगों की बात करें, तो सबसे ज्‍यादा चीनी लोग Internet का इस्‍तेमाल करते हैं। चीन के बाद जापान के लोग और तीसरे स्‍थान पर भारत के लोग आते हैं। यानी यदि Internet का इस्‍तेमाल करने वाले तीसरे सबसे ज्‍यादा लोगों की बात करें, तो वे भारतीय लोग हैं, लेकिन जब हम भाषा की बात करते हैं तब Internet की दुनियां में 30% लोग English Use करते हैं, 19% लोग Chinese Use करते हैं और 36% लोग Spanish, Japanese, Franch, German, Arabic, Portuguese, Korean व Italian Language Use करते हैं। बाकी के बचे हुए 15% लोग दुनियां की बाकी बची हुई सभी अन्‍य भाषाओं को उपयोग में लेते हैं। इसलिए Hindi Blogging से पैसा बनाना तो मुश्किल है।

English ही एक ऐसी भाषा है, जिसे लगभग सारी दुनियां के लोग समझते हैं। English Language की एक दूसरी विशेषता ये भी है कि इसे Google के Language Translator का प्रयोग करके कई अन्‍य English Related Languages में Convert किया जा सकता है, इसलिए English Blogging से केवल 30% Internet Users ही Cover नहीं होते, बल्कि लगभग 100% Internet Users Cover होते हैं। इसलिए यदि आप Internet पर पैसा कमाना चाहते हैं, तो आपको English Blogging को ही महत्‍व देना होगा। हिन्‍दी में भी लिखिए, लेकिन उस स्थिति में ज्‍यादा पैसा कमाने की उम्‍मीद मत कीजिए। और हां! हमने आपको जो आंकडे बताए हैं, ये आंकडे हमने हमारी मर्जी से नहीं लिखे। यदि आप विभिन्‍न देशों के Users, उनके Internet Use करने के तरीके, विभिन्‍न देशों की Populations आदि विभिन्‍न प्रकार की Internet Status के बारे में जानना चाहते हैं, तो आप भी http://internetworldstat.com नाम की Website पर जा सकते हैं। हमने ये सारी जानकारियां इसी Website से प्राप्‍त की हैं। तो अब इस पूरे Discussion का आप निम्‍न सारांश निकाल सकते हैं:


  1. इस दुनियां के सभी लोग किसी ना किसी परेशानी से परेशान हैं और उस परेशानी का समाधान प्राप्‍त करने के लिए वे अपनी समस्‍या से सम्‍बंधित विभिन्‍न प्रकार की पूरी जानकारी प्राप्‍त करना चाहते हैं। जानकारी प्राप्‍त करने के लिए अन्‍त में सभी लोग Internet पर आते हैं, इसलिए आपको अपने Blog द्वारा उन्‍हें किसी ना किसी तरह की अच्‍छी और पूरी जानकारी देनी पडेगी, तभी ज्‍यादा से ज्‍यादा लोग बार-बार आपके Blog पर आऐंगे।

  2. जानकारी देने के लिए आपको ऐसे विषय को चुनना होगा, जिसे आप सबसे ज्‍यादा पसन्‍द करते हैं। क्‍योंकि आप जिस विषय को सबसे ज्‍यादा पसन्‍द करते हैं, उसी विषय के बारे में आप लोगों को सबसे ज्‍यादा बेहतर व सही जानकारी दे सकते हैं।

  3. आपको अपने Targeted Traffic को पहचानना होगा और उस Targeted Traffic के आधार पर लिखना होगा। यदि आप ज्‍यादा पैसा कमाना चाहते हैं, तो आपको विदेशी मार्केट पकडना होगा और विदेशी मार्केट पकडने के लिए आपको अपने Blog पर विदेशियों के लिए लिखना होगा यानी आपको अपने Blog पर English भाषा में लिखना होगा।


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